2 एक दिन अरामी माणस दल बाँधकै इस्राएल के देश म्ह जाकै ओड़ै तै एक छोट्टी छोरी गुलाम बणाकै ले आए थे अर वो नामान की पत्नी की सेवा करया करै थी। 3 उसनै अपणी मालकिन तै कह्या, "जै मेरा स्वामी सामरिया के नबी कै धोरै होन्दा, तो कितना आच्छा होन्दा! क्यूँके वो उसनै उसके कोढ़ तै चंगा कर देन्दा।"
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