12 फेर यहोवा नै मूसा तै कह्या, "मिस्र देश कै बिरुध्द अपणा हाथ बढ़ा के टिड्डी मिस्र देश पै चढ़कै धरती का जितना अन्न जितना ओळयां तै बच्या सै सारा नै चट कर ज्यां।" 13 आखर म्ह मूसा नै अपणी लाठ्ठी ताहीं मिस्र देश कै बिरुध्द बढ़ाया, फेर यहोवा नै दिन भर अर रात भर देश पै पूर्वी हव्वा चलाई; अर जिब सबेरा होया तो उस पूर्वी हव्वा म्ह टिड्डी आई। 14 अर टिड्डियाँ नै चढ़कै मिस्र देश के सारे जगहां म्ह बसेरा करया, उनका टोळ घणा भारी था, बल्के ना तो उनतै पैहल्या इसी टिड्डियाँ आई थी, अर ना उनकै बाद इसी फेर आवैगी। 15 वे तो सारी धरती पै छागी, उरै ताहीं के देश म्ह अन्धेरा छाग्या, अर उसका सारा नाज सारा कुछ अर दरखत्त के सारे फळ, यानिके जो कुछ ओळयां तै बच्या था, सारया ताहीं उननै चट कर लिया; उरै तक के मिस्र देश म्ह ना तो किसे दरखत्त पै कुछ हरियाली रही अर ना खेत म्ह नाज रह्या।
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