4 जै तू मेरी प्रजा ताहीं जाण न्ही दे तो सुण, काल मै तेरे देश म्ह टिड्डियाँ ले आऊँगा। 5 अर वे इतणी आवैगीं के धरती नै इसा छा लेंगी के वा दिखाई न्ही पड़ैगी; अर थारा जो कुछ ओळयां तै बच रह्या सै उसनै वे चट कर ज्यांगी, अर थारे जितने दरखत्त मदानां म्ह लागरे सैं उन ताहीं भी वे चट कर ज्यांगी,
7 फेर फिरौन कै कर्मचारी उसतै कहण लाग्गे, "वो माणस कद तक म्हारै खात्तर फंदा बण्या रहवैगा? उन माणसां नै जाण दे ताके वे अपणे परमेसवर यहोवा की उपासना करैं; के तू इब ताहीं न्ही जाण्दा के सारा मिस्र देश नाश होग्या सै?" 11 ना, इसा कदे न्ही होण पावैगा; सिर्फ आदमी ए जाकै यहोवा की उपासना करो।" अर वे फिरौन कै स्याम्ही तै भजा दिए।
13 आखर म्ह मूसा नै अपणी लाठ्ठी ताहीं मिस्र देश कै बिरुध्द बढ़ाया, फेर यहोवा नै दिन भर अर रात भर देश पै पूर्वी हव्वा चलाई; अर जिब सबेरा होया तो उस पूर्वी हव्वा म्ह टिड्डी आई। 14 अर टिड्डियाँ नै चढ़कै मिस्र देश के सारे जगहां म्ह बसेरा करया, उनका टोळ घणा भारी था, बल्के ना तो उनतै पैहल्या इसी टिड्डियाँ आई थी, अर ना उनकै बाद इसी फेर आवैगी। 15 वे तो सारी धरती पै छागी, उरै ताहीं के देश म्ह अन्धेरा छाग्या, अर उसका सारा नाज सारा कुछ अर दरखत्त के सारे फळ, यानिके जो कुछ ओळयां तै बच्या था, सारया ताहीं उननै चट कर लिया; उरै तक के मिस्र देश म्ह ना तो किसे दरखत्त पै कुछ हरियाली रही अर ना खेत म्ह नाज रह्या। 19 फेर यहोवा नै घणी तेज पश्चिम हवा चलाकै टिड्डियाँ ताहीं उड़ा कै लाल समुन्दर म्ह गेर दिया, अर मिस्र देश कै किसे जगहां म्ह एक भी टिड्डी न्ही रही।