21 फेर मूसा नै अपणा हाथ समुन्दर कै उप्पर बढ़ाया; अर यहोवा नै रात भर घणी तेज पूर्वी हवा चलाई, अर समुन्दर के दो हिस्से करकै पाणी इसा हटा दिया जिसतै के उसके बिचाळै सूक्खी धरती होगी। 22 फेर इस्राएली समुन्दर कै बिचाळै सूक्खी जमीन पै होकै चाल्ले, अर पाणी उनकी सोळी अर ओळी ओड़ दीवार का काम देवै था।
27 फेर मूसा नै अपणा हाथ समुन्दर कै उप्पर बढ़ाया, अर सबेरै होंदे-होंदे के होया के समुन्दर फेर जिस्से का तिस्सा अपणे जोर पै आ ग्या; अर मिस्री उलटे भाजण लाग्गे, पर यहोवा नै उन ताहीं समुन्दर कै बिचाळै ए म्ह डूबो दिया। 28 अर पाणी के पलटण तै, जितने रथ अर सवार इस्राएलियाँ कै पाच्छै समुन्दर म्ह आये थे, वे सारे बल्के फिरौन की सारी सेना उस म्ह डूबगी, अर उस म्ह तै एक भी न्ही बच्या।