मूसा ताहीं उसके ससुर की सलाह
13 दुसरे दिन मूसा माणसां का न्याय करण नै बैठ्या, अर सबेरै तै साँझ तक माणस मूसा कै लोवै-धोरै खड़े रहे। 17 मूसा कै ससुर नै उसतै कह्या, "जो काम तू करै सै वो ठीक न्ही 18 अर इसतै तू के, बल्के ये माणस भी जो तेरै गैल सैं जरुर थक ज्यांगे, क्यूँके यो काम तेरे खात्तर घणा भारी सै; तू इसनै एक्ला न्ही कर सकदा। 23 जै तू यो उपाय करै, अर परमेसवर तेरे ताहीं इसा हुकम दे, तो तू ठैहर सकैगा, अर ये सारे माणस अपणी जगहां तक राज्जी-खुशी तै पोहच सकैगें।"
24 अपणे ससुर की या बात मानकै मूसा नै उसके सारे वचनां कै मुताबिक करया।