मूसा ताहीं उसके ससुर की सलाह
13 दुसरे दिन मूसा माणसां का न्याय करण नै बैठ्या, अर सबेरै तै साँझ तक माणस मूसा कै लोवै-धोरै खड़े रहे। 14 न्यू देखकै के मूसा माणसां कै खात्तर के-के करै सै, उसकै ससुर नै कह्या, "यो के काम सै जो तू माणसां कै खात्तर करै सै? के कारण सै के तू एक्ला बैठ्या रहवै सै, अर माणस सबेरै तै साँझ तक तेरे लोवै-धोरै खड़े रहवै सैं?" 15 मूसा नै अपणे ससुर तै कह्या, "इसका कारण यो सै के माणस मेरै धोरै परमेसवर तै पूच्छण नै आवै सैं। 16 जिब-जिब उनका कोए मुकद्दमा होवै सै जिब-जिब वे मेरै धोरै आवै सैं अर मै उनकै बिचाळै न्याय करुँ सूं, अर परमेसवर की विधि अर नियम-कायदे उननै समझाऊँ सूं।" 17 मूसा कै ससुर नै उसतै कह्या, "जो काम तू करै सै वो ठीक न्ही 18 अर इसतै तू के, बल्के ये माणस भी जो तेरै गैल सैं जरुर थक ज्यांगे, क्यूँके यो काम तेरे खात्तर घणा भारी सै; तू इसनै एक्ला न्ही कर सकदा। 19 इस करकै इब मेरी सुण ले, मै तेरे ताहीं सलाह दियुँ सूं, अर परमेसवर तेरे गैल रहवै। तू तो इन माणसां कै खात्तर परमेसवर कै स्याम्ही जाया कर, अर इनकै मुकद्दम्याँ नै परमेसवर कै धोरै तू पोहचा दिया कर। 20 इननै विधि अर नियम-कायदे बताकै, जिस राह पै इननै चालणा, अर जो-जो काम इननै करणा हो, वो इन ताहीं समझा दिया कर। 21 फेर तू इन सारे माणसां म्ह तै इसे माणसां नै छाँट ले, जो गुणी, अर परमेसवर का भय मानण आळे, सच्चे, अर अन्याय के लाभ तै घृणा करण आळे हों; अर उननै हजार-हजार, सौ-सौ, पचास-पचास, अर दस-दस माणसां पै प्रधान बणा दे। 22 अर वे सारा बखत इन माणसां का न्याय करया करै; अर सारे बड़े-बड़े मुकद्दम्याँ नै तो तेरे धोरै ले आया करै, अर छोट्टे-छोट्टे मुकद्दम्याँ का न्याय आप ए करया करै; फेर तेरा बोझ हळका होवैगा, क्यूँके इस बोझ नै वे भी तेरे गैल ठावैगें। 23 जै तू यो उपाय करै, अर परमेसवर तेरे ताहीं इसा हुकम दे, तो तू ठैहर सकैगा, अर ये सारे माणस अपणी जगहां तक राज्जी-खुशी तै पोहच सकैगें।"
24 अपणे ससुर की या बात मानकै मूसा नै उसके सारे वचनां कै मुताबिक करया। 25 आखर म्ह मूसा नै सारे इस्राएलियाँ म्ह तै गुणी माणस छाँट कै उननै हजार-हजार, सौ-सौ, पचास-पचास, दस-दस, माणसां कै उप्पर प्रधान बणाए। 26 अर वे सारे माणसां का न्याय करण लाग्गे; जो मुकद्दमा ओक्खा होया करदा उसनै तो वे मूसा कै धोरै ले आया करदे, अर सारे छोट्टे मुकद्दम्याँ का न्याय वे खुद ए करया करदे।