3 "तू मन्नै छोड़ दुसरयां नै परमेसवर करकै ना मानिये।"
4 "तू अपणे खात्तर कोए मूर्ति खोदकै ना बणाईये, ना किसे की प्रतिमा बणाईये, जो अकास म्ह, या धरती पै, या धरती कै पाणी म्ह सै। 5 तू उननै दण्डवत ना करिये, अर ना उनकी उपासना करिये; क्यूँके मै तेरा परमेसवर यहोवा जळण राक्खण आळां परमेसवर सूं, अर जो मेरै तै बैर राक्खै सैं, उनके बेट्याँ, पोत्यां, अर पड़पोत्यां नै भी पितरां की सजा दिया करया करुँ सूं, 6 अर जो मेरै तै प्यार राक्खै सै अर मेरे हुकमां नै मान्नै सैं, उनकी हजार पीढ़ियाँ पै मेरी करुणा बणाए राक्खूँ सूं।"
7 "तू अपणे परमेसवर का नाम बेकार म्ह ना लिये; क्यूँके जो यहोवा का नाम बेकार म्ह लेवै उस ताहीं यहोवा सजा दिये बिना न्ही छोड़ैगा।"
8 "तू विश्रामदिन नै पवित्र मानण कै खात्तर याद राखिये। 9 छः दिन20:9 छः दिन हर हफ्तै कै छ: दिन तो तू मेहनत करकै अपणा सारा काम-काज करिये; 10 पर सातवाँ दिन तेरे परमेसवर यहोवा कै खात्तर विश्रामदिन सै। उस म्ह ना तो तू किसे ढाळ का काम-काज करिये, अर ना तेरा बेट्टा, ना तेरी बेट्टी, ना तेरा दास, ना तेरी दास्सी, ना तेरे पशु, ना कोए परदेशी जो तेरे फाटकां कै भित्तर हो। 11 क्यूँके छः दिन म्ह यहोवा नै अकास अर धरती, अर समुन्दर, अर जो कुछ उन म्ह सै, सारया ताहीं बणाया, अर सातमै दिन विश्राम करया; इस करकै यहोवा नै विश्रामदिन ताहीं आशीष दी अर उस ताहीं पवित्र ठहराया।"
12 "तू अपणे माँ-बाप का आदर करिये, जिसतै जो देश तेरा परमेसवर यहोवा तन्नै देवै सै उस म्ह तू घणे दिन तक रहण पावै।"
13 "तू हत्या ना करिये।"
14 "तू व्यभिचार ना करिये।"
15 "तू चोरी ना करिये।"
16 "तू किसे कै खिलाफ झूठ्ठी गवाही ना दिये।"
17 "तू किसे कै घर का लालच ना करिये; अर ना तो किसे की जनान्नी का लालच करिये, अर ना किसे कै दास-दास्सी, या बळध गधे का, ना किसे की किसे चीज का लालच करिये।"