22 किसे बिधवा या अनाथ बाळक नै दुख न्ही दियो। 23 जै थम इस्यां का किसे ढाळ तै भी फायदा ठाओ, अर वे मन्नै पुकारै, तो मै जरुर उनकी पुकार सुणूँगा; 24 फेर मेरा छो भड़कैगा, अर मै थमनै तलवार तै मरवाऊँगा, अर थारी घरआळी बिधवा अर थारे बाळक अनाथ हो जावैंगे।"
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