मूसा का तेजस्वी चेहरा
29 जिब मूसा गवाही की दोन्नु तख्ती हाथ म्ह लिये होए सीनै पहाड़ तै उतर आवै था फेर यहोवा कै गेल्या बात करण कै कारण उसकै चेहरे तै किरण लिकड़ै थी। पर वो न्यू न्ही जाणै था के उसकै चेहरे तै किरण लिकड़ै सैं। 30 जिब हारुन अर सारे इस्राएलियाँ नै मूसा ताहीं देख्या के उसकै चेहरे तै किरण लिकड़ै सैं, फेर वे उसकै धोरै जाण तै डरगे। 33 जिब तक मूसा उनतै बात न्ही कर चुक्या तब तक अपणे मुँह पै ओढ़णा गेरे रह्या। 34 अर जिब-जिब मूसा भित्तर यहोवा तै बात करण नै उसकै स्याम्ही जावै तब-तब वो उस ओढ़णे नै लिकड़दे बखत तक तारे रहवै था; फेर बाहर आकै जो-जो हुकम उसनै मिलदे उननै इस्राएल के माणसां तै कह दे था। 35 इस्राएली मूसा का चेहरा देक्खैं थे के उसतै किरण लिकड़ै सैं; अर जिब तक वो यहोवा तै बात करण खात्तर भित्तर ना जावै तब ताहीं वो उस ओढ़णी नै गेरे रहवै था।