छैठौँ मोहर खोल्लक-आतंक
12 जब पठ्वा छैठौँ मोहर खोलल, तब मै बरवार भुइँचाल हुइल देख्नु। सूर्य करिया खसरार कमरा6:12 खसरार कमरा यी छेग्री या ऊँटनके भुत्लालेके बनल एकथो खसरार गहिँर रङ्गके लुग्गा रहतेहे जिहिसे अनाज धरना बोरा बनाजाए। यिहिहे समस्या या दुःख परल समयमे घालजाए। हस होगिल। और पूरा जोन्ह्याँ खुन हस लाल होगिलस। 13 और तोरैँ आकाशमेसे पृथ्वीमे असिके गिरगिलाँ, जसिके जोरसे आँधी आइत ते अञ्जीरके रुख्वामेसे कच्चे फाराहे हिलाके गिरादेहत।