चौथा मोहर खोल्लक-मृत्यु
7 और जब पठ्वा चौथा मोहर खोलल, तब मै चौथा प्राणीहे असिके कहत सुन्नु: "आब जाऊ, आघे बह्रो।" 8 तब मै देख्नु कि एकथो हरद्यार रङ्गके घोरवा बाहेर आइल। और ओकरमे सवार रहुइयक नाउँ मृत्यु रहिस; और पाताल ओकर पाछे-पाछे बा। ओइन्हे पृथ्वीमे रना प्रत्येक चारथो मनैनमेसे एकथो मुवैना अधिकार मिल्लिन। ओइने उ मनैनहे तरवाललेके मुवादेलाँ। ओइने ओइन्हे भुँखेलेके मुवादेलाँ। ओइने ओइन्हे एकदम नै मजा-नै मजा रोगसे मुवादेलाँ। और ओइने ओइन्हे जङ्गली जानबरीनसे मरवादेलाँ।