21 "मी तुम्हारा तिवारहोन से बैर रखुस, अरू उनखे ठुकरास हइ, अरू तुमारी महासभाहोन से मी प्रसन्न नी.5:21 मुल मे, मी नी सुघ्यु 22 चाहे तूम मरा लिये होमबलि अरू अन्न दान चेडा, तेभी मी प्रसन्न नी हुयु, अरू तुमारा ताजा मोटा जनवरहोन खे मेलबलिहोन का तरप नी देख्यु.5:22 यशया 1:11-14