3 तु मेखे छोडीखे दुसरा खे यहोवा कि भक्ती नी माननु. 4 तु अपना लिये कोय मुर्ति खोदीखे नी बनानु, नी कोय की प्रतिमा बनानु, जो आकाश मे, या पृथ्वी पर, य पृथ्वी का निचे पानी मे हइ20:4 निर्गमन 34:17; 19:4; 26:1; व्यवस्था विवरन 4:16 5 तु उनखे झुकि खे प्रनाम नी करनु, अरु नी ओकी उपासना न ओकि सेवा नि करनु; क्युकी मी तरो यहोवा जलन इर्षा रखनवालो यहोवा हई, अरु जो मरा से बैर रकस हई, उनखे मि अधर्म को दंड उनका बेटा, पोतो, अरु परपोतो खे भी पितरहोन खे दंड दियो करस हइ,20:5 व्यवस्था विवरन 7:9 6 परन्तु जो मरा से प्रेम रखस अरु मरी आज्ञा खे मानस हई, वे हजारहोन पिडीहोन पर करुना करस हई व्यवस्थाविवरन 7:9. 7 तु अपना यहोवा को नाम व्यर्थ नी लेनू; क्युकी जो यहोवा को नाम व्यर्थ लीये उ ओखे निर्दोष नी ठहरानु,20:7 लैव्यव्यवस्था 19:12 8 तु अराम दिन खे पवित्र मानन का लिये याद रखनु. 9 छे दिन तु काम करीखे अपनो सब काम-काज करनु;20:9 निर्गमन 23:12; 34:12; 35:2; 31:15 10 परन्तु सातवा दिन तरा यहोवा का लिये अराम दिन हई. येका लिये नी तु कोय भाति को काम-काज करनु, अरु नी तरो बेटो, नी तरी बेटी, नी तरो गुलाम, नी तरी दासी, नी तरा जनवर, नी कोय परदेशी जो तरा फाटकहोन का अंदर हुये. 11 क्युकि छ दिन मे यहोवा ने आकाश अरु पृथ्वी, अरु समुद्र, अरु जो कुछ ओमे हई, सब खे बनायो, अरु सातवा दिन अराम कऱ्यो; येका कारण यहोवा ने अराम दिन खे आशीष दीयो अरु ओखे पवित्र ठहरायो. 12 तु अपना बाप अरु अपनी माय को आदर करनु, जेका से जेका से तरी उम्र बडी जाये जेका से तरा देश तरा परमेश्वर यहोवा तोखे देस हई ओमे तु बोत दिन तक ऱ्ही पायोे.20:12 व्यवस्था विवरन 27:16; मत्ती 15:4; 19:19; रोमीयो 6:2; उत्पत्ति 9:6; याकूब 2:11; मत्ती 24:21 13 तू खुन नी करनु. 14 "तू व्यभिचार नी करनु. 15 तू चोरी नी करनु.20:15 लैव्यव्यवस्था 19:11; मत्ती 19:18; मरकुस 10:19; लूका 18:20; रोमीयो 13:9 16 तू अपना पडोसीहोन को विअरुध्द झूटी साक्षी नी देनु. 17 तू कोय का घर को लालच नी करनू; नी तो कोय की लुगेम की लालच करनू, अरु नी कोय का गुलाम-दासी, या बैल गधा को, नी कोय को कोय चिज को लालच करनू."