वाचा की पेटी
10 बबूल की लकड़ी को एक पेटी बनायो जाये; ओकि लम्बाइ ढाइ हाथ, अरु चौड़ाइ अरु उचाइ डेढ़-डेढ़ हाथ की होनु. 11 अरु ओखे शुद्ध सोन्ना से भीतर अरु बाहर मढ़वानु, अरु पेटी का उपर चारी तरप सोन्ना की पट्टी बनानु. 12 अरु सोन्ना का चार कडा ढली खे ओका चारी पायो पर, एक तरप दो कडा अरु दूसरा तरप भी दो कडा लगवानु. 13 फेर बबूल की लकड़ी का डंडा बनवानु, अरु उनखे भी सोन्ना से बनानु. 14 अरु डंडाहोन खे पेटी का दोही तरप का कडा में डालनु जेकासे ओका सारा से पेटी उठइ जाये. 15 वे डंडा पेटी का कडा में लग्या रिह्ये; अरु ओकासे अलग नी कर्यो जाये. 16 अरु जो साक्षीपत्र मी तोखे दियु ओखे उ पेटी में रखनु.
17 "फेर शुद्ध सोन्ना को एक प्रायश्चित को ढक्कन बनानु; ओकी लम्बाइ ढाइ हाथ, अरु चौड़ाइ डेढ़ हाथ की हुये. 18 अरु सोन्नो ढालिखे दो पंख धारी जिव बन्यखे प्रायश्चित को करुब को ढकन खे दोही माथा पर लगवानु. 19 एक करुब 25:19 करुब पंख धारी पशु तो एक माथा पर अरु दूसरो करुब दूसरा माथा पर लगवानु; अरु करुबहोन खे अरु प्रायश्चित का ढकन खे ओका ही टुकडा से बनइखे ओका दोही माथा पर लगवानु. 20 अरु वे करुबहोन का पंख उपर से असा फैल्या हुया बन्या कि प्रायश्चित को ढकन ओकासे झाक्यो रिह्ये, अरु उनको मुडो आमने-सामने अरु प्रायश्चित का ढकन का तरप रिह्ये. 21 अरु प्रायश्चित का ढकन खे पेटी का उपर लगवानु; अरु जो साक्षीपत्र मी तोखे दियु ओखे पेटी का भीतर रखनु.