कुस्रू जो परमेश्वर का अभिषिक्त है
1 यहोवा अपने अभिषिक्त कुस्रू के विषय यह कहता है, मैंने उसके दाहिने हाथ को इसलिए थाम लिया है कि उसके सामने जातियों को दबा दूँ और राजाओं की कमर ढीली करूँ, उसके सामने फाटकों को ऐसा खोल दूँ कि वे फाटक बन्द न किए जाएँ। 2 "मैं तेरे आगे-आगे चलूँगा45:2 मैं तेरे आगे-आगे चलूँगा: विजय का मार्ग तैयार करने के लिए, यह सिद्ध करने हेतु कि पृथ्वी के घमण्डी विजेताओं की विजय परमेश्वर के प्रावधान ही है। यहाँ निहित विचार है, तुम्हारी विजय यात्रा को घटाने या उसका विरोध करनेवाली हर एक बाधा को मैं दूर कर दूँगा। और ऊँची-ऊँची भूमि को चौरस करूँगा, मैं पीतल के किवाड़ों को तोड़ डालूँगा और लोहे के बेंड़ों को टुकड़े-टुकड़े कर दूँगा। 3 मैं तुझको अंधकार में छिपा हुआ और गुप्त स्थानों में गड़ा हुआ धन दूँगा, जिससे तू जाने कि मैं इस्राएल का परमेश्वर यहोवा हूँ जो तुझे नाम लेकर बुलाता है। (यिर्म. 27:5, कुलु. 2:3)