1 "परमेश्वर के अभिषिक्त कोरेश को याहवेह ने कहा,
मैंने उसका दायां हाथ थाम रखा है
कि मैं उसके सामने जनताओं को उसके अधीन कर दूं
और राजाओं की कमर ढीली कर दूं,
कि इसके लिए फाटक खोल दूं
ताकि फाटक बंद ही न हो सकें:
2 मैं तेरे आगे-आगे चलूंगा
ऊंची-ऊंची भूमि को सीधा बना दूंगा;
मैं कांस्य के दरवाजों को चूर-चूर कर दूंगा
लोहे के जंजीर को काटता हुआ निकल जाऊंगा.
3 मैं तुम्हें अंधकार से छिपा हुआ,
और गुप्त स्थानों में गढ़ा हुआ धन दूंगा,
कि तुम्हें यह मालूम हो जाये कि यह मैं ही वह याहवेह,
इस्राएल का परमेश्वर हूं, जो तुम्हें तुम्हारा नाम लेकर बुलाता है.