Pular para o conteúdo
Publicidade

यशायाह 37

ििसहयतचन

1 जब िियह सब ा, उसनअपनवसि, पहन िऔर हवभवन ें चलगया. 2 रबधक एलिि, सचिबना, रनिों और िों ो, रण िे, आमभवियदवकयशा. 3 उनोंकर यशिनती, "िियह िनतै, आज िकट, फटकऔर अपमिै. रसव समय पहुंमगर रसें रसव िशकि नहीं रह गई. 4 भव हव, आपकपरमवर बश37:4 राबशाकेह अर्थात् मैदान के सेनापति कहगए सभशबें, उसकी, अशिपरमवर िंें उससकहलवे. भव इन शबों नकर हव, आपकपरमवर उसफटकलगं. इसलिकर यहां रजबचिआकर थनि.’ "

5 जब ििवक यशपहुंे, 6 यशउनसकहा, "अपनकहना, हवयह ै, उन शबों रण मनैं, िनकअशवकों िंै, डरनमत. 7 ैं उसमें एक ऐसआत़ाूंि उसउडे-उडसमलगेंऔर वह अपनएगऔर ऐसकरूंि वह अपनें तलवएगा.’ "

8 जब रमपति अपना, उसनि अशकर और वह िबनकर रहा.

9 जब नहिरहयह ि वह मसकरनिकल पड़ा तब उसनअपनिियह कहकर ा: 10 "यहििियह कहना, िपरमवर पर भरकरतो, वह मसयह रतिकरतछल करन, ि शलअशअधनहीं िएगा. 11 यह ो, ि अशों कर िै. बचकर रकिरह सके? 12 जब वजों ़ा, , और ें एदरजखतकर ा, उनकवतउनकबचसके? 13 कहां ा, अरपा, फरवइम नगर और और इवा?’ "

िें ििथन

14 इसकििउन पतआनों वह पतकर उसपढ़ा और हवभवन चलगयऔर उस पतलकर हवमनरख िा. 15 ििहवयह थनी: 16 "सरवशकिहव, इसएल परमवर, आप, करों ऊपर िंसन पर िजमैं. परमवर आप वरऔर बना. 17 अपनओर ि, हव, थनि. अपनें िऔर हव, िऔर उन शबों ि, नहिपरमवर मज़ाउड़ाकहैं.

18 "हव, यह सच ि अशों और उनकि उजकर ़ा ैं. 19 और उनकवतआग ें िै, िइसलिि वतनहीं, िमनबने, िलकड़ी और पतथर. इसलिकर िगए. 20 अब, हव, हमपरमवर, हमें उनकबचि यह ि हव, वल आप परमवर ैं."

नहपतन

21 तब आमयशिियह ा: "हव, इसएल परमवर ों कहतैं; इसलिि मनअशनहें झसिनती. 22 उसकिकहगए हवशबै:

"़िुं

कनें समझै, मज़ाउड़ाै.

शल

ििै.

23 मनिसकअपमऔर िंै?

िसकिमनआवै?

और िसकिि घमणउठै?

इसएल महपविओर!

24 मनअपनों

हविंै.

मनकहा,

अपनरथों बड़ी कर

ैं पह़ों इयों पर चढआयूं,

ां, लबगम, ों तक;

ैंसबसवदिैं,

इसकसबसउततम सनवरों ी;

ैंइसकर-दघरों ें रविा,

ां, इसकघनवनों ें ी.

25 ैं

और परदजल िा,

अपनांों तलवों

ैंिसभनदिां ीं.’

26 " मननहीं?

इसकिचय ैंबहपहलकर िा?

इसकजनैंबहपहलबनी,

िसकैं अब कर रहूं,

ि गढनगरों

डहरों बनो.

27 तब जब नगरविों बल रहा,

उनमें िऔर लजगई.

वनसपति

और जड़ी-समहरगए.

ी, छत पर उग आई बढपहलरझै.

28 " मगर उठना-ठनि ें ै,

तर आनऔर हर

और िी!

29 िरण

और इसलिि ैंघमणिषय ें िै,

ैं ें अपननकूं

और ें लग

और तब ैं ें कर उसपर चल

िससआए े.’

30 "तब ियह िा:

"इस जन उस उपज ा, अपनआप उगतै;

अगलवह, इसउपजी;

सरओगे, उपज े,

बगलगओगऔर उनकफल ओगे.

31 तब यहबचअपनजड़ें ि ें

गहरमजबकरतएगऔर ऊपर फलवएगा.

32 ोंि शलएक बचिकसिा,

और ़िपरवत .

हवअपनजलन रण ऐसकरेंे.

33 "इसलिअशें हवयह ै:

"वह इस नगर ें रवकरा,

वह वहां चलएगा.

वह इसकमनकर आएग

और वह इसकिढलबनएगा.

34 वह उसएगिससवह आया.

वह इस नगर ें रवकरा."

यह हवै.

35 "ोंि अपनऔर अपनवक

महििैं इसकनगर रककरूंा!"

36 उसऐसि हवएक वरगदअशििें कर एक पचहज़ािों िा. बह गनपर ों ि िमर े. 37 यह पर अशनहअपनगयऔर नवनगर ें रहनलगा.

38 एक , जब वह अपनवतिसरभवन ें उसकउपसनकर रहा, उसों, अदऔर तलवउस पर िऔर अररदें कर िगए. उसकपर उसकएसरहददन सन करनिा.

Estes versículos te tocaram? Ore agora!

+581 estão orando agora.

Junte-se à corrente de oração.

Veja também