Pular para o conteúdo
Publicidade

यशायाह 51

ििअनउद

1 "धरपर चलनो, ो,

, हवो:

उस चटपर िकरिसमें ें गय

तथउस पर िसमें ें दकर िगयै;

2 अपनवज अब

और पर ो.

जब ैंउनकतब अके,

तब ैंउनें आशऔर बढ़ाा.

3 हव़िांि

और सब उजों ांि ेंे;

वह जर ि एदिसमबनेंे,

तथउसकमरथल हविसमबने.

वह आनएवभरा,

और धनयवऔर भजन शबा.

4 "रजो, ओर ो;

ो:

ोंि ैं एक ियम ूंा;

श-दों िि ा.

5 टकिकट ै,

उदरकट ै,

ों ा.

ें

और ों पर आशरखेंे.

6 आकओर ो,

और ो;

ोंि आकसमिएगा,

तथवससमएगी,

और मकें उडे.

परउदैं करूंवह सरवदिरहा,

और धरा.

7 "धरननो, ो,

िनकमन ें यवसै:

मनों रहिंडरें

और उदोंे.

8 ोंि उनें वससमनषकर ेंे;

तथ़ा उनें ऊन समएगा.

परधरसदतक,

और उद़ी ़ी तक बनरहा."

9 हव, ,

और शकि पहन े!

पहलें,

़िां ी.

ीं उस कड़े ि,

और मगरमचा?

10 आप िोंगर िा,

बहगहरा,

और िसनगर ें बदल ि

और ़ाउसस?

11 इसलिहव़ागए ैं.

जय जयक़िें आएे;

उनकिपर आनोंे.

और उनकुःतथउनका,

तब तथअधिे.

12 "ैं, ां! ैं ा, िूं.

मरनमनऔर उनके,

समरझैं, उनसडरतो,

13 हवअपनिकरगये,

िोंआक

और ींी!

जब िकरनआतैं

तब उनकिभर ांपतो,

जलजलहट करतरहता.

िंआज वह कहां ै?

14 े, धन ें ैं, िे;

गडें उनकी,

और उनें जन कमी.

15 ोंि ैं वह हवपरमवर ूं,

गर उथल-पथल करतिससलहरें गरजन करनलगतैं—

उनकहवसबओथ51:15 याहवेह त्सबाओथ सेनाओं का याहवेह

16 ैंुंें अपनवचन ैं

तथें अपनांिै—

ि ैं आकबनऔर,

ींूं,

तथ़ियह आशसन ूं, रजो.’ "

हवकट

17 शल,

उठो!

मनहवों

उनककटें िै. मनकटलडखड़ा मधिै.

18 उससजनों ें

ऐसनहीं ै, उनकअगकरे;

उनके.

19 यह भयवह घटनघटैं—

अब िएगा?

उजऔर ि, अकतथतलवआई ै—

उससें ांि ा?

20 िकर

गलपर,

ें पड़े ैं.

हवऔर परमवर ां

भर गयैं.

21 इस रण, ़िो,

मतवो, िंखमधनहीं.

22 रभअपनों ओर करतैं,

हव, परमवर कहैं:

"ो, ैंों

वह कटिै;

लडखड़ा रहऔर, ूं,

अब इसकभिे.

23 इसैं ें ुःें ूंा,

िोंमसकहा,

ि पर ो, ि हम पर कर चल सकें.’

मनअपनि पर करकबना,

ि उस पर चलें."

Estes versículos te tocaram? Ore agora!

+581 estão orando agora.

Junte-se à corrente de oração.

Veja também