Pular para o conteúdo
Publicidade

यशायाह 56

सब ों आश

1 हवों कहतैं:

"ों लन कर

तथधरकरो,

ोंि ैं जलउदकरूंा,

धरअब रकट ा.

2 धनवह यकि ऐसकरतै,

वह मनइस पर अटल रहकर इसरहतै,

शबिकरनरखतै,

तथिगलत करनअपनबचरखतै."

3 परदहविै,

"यह कहि िचय हवअपनों अलग रखेंे."

यह कह सके,

"ैं एक ूं."

4 इस पर हवकहै:

"ििनतऔर िैं रहतूं,

उसनत

और लन करतैं—

5 उनें ैं अपनभवन ें और भवन ों तर

एक दगबनतथएक ऐसूंा;

एविों उततम और िएवकभिा.

6 परदहवकर

उनककरतैं,

और हवि रखतै,

उसकै,

और ििअपविनहीं करतलतै,

तथकरतैं—

7 ैं उनें अपनपविपरवत पर

तथथनभवन ें कर आनिकरूंा.

उनकचढ़ामबलि तथलबलि

रहण करूंा;

ोंि भवन सभों ि

थनभवन कहलएगा."

8 रभहव,

िइसएलिों इकटकर रहैं:

"उनकि ैं,

ैं उनमें औरों िूंा."

ों रति वन

9 पश,

गलपश, जन ि!

10 ैं उनकपहर,

अजैं सभी;

ऐसूंैं,

ौंकतनहीं;

िपर वपखते,

िें ींिै.

11 ैं;

कभ्‍नहीं े.

ऐसचरविनमें समझ नहीं;

उन सभअपनि,

अपनअपनिा.

12 कहतैं, "आओ,

हम खमधकर ्‍ं!

कल िआज सम,

इससहतर ा."

Estes versículos te tocaram? Ore agora!

+581 estão orando agora.

Junte-se à corrente de oração.

Veja também