Pular para o conteúdo
Publicidade

यशायाह 12

ि

1 उस िकहे:

"हव, ैं आपकआभूंा.

यदयपि आप झसिे,

अब आपकांगय

और आपनांि ै.

2 परमवर उदरकरैं;

ैं भररखूंऔर डरूंा.

ोंि , ां हवी, बल और ैं;

उदरकरगए ैं."

3 उदों

आनदपवक जल भरे.

4 उस िकहे:

"हवरशकरो, उनको;

जनतें उनकों रचकरो,

उनें यह िि रभरविै.

5 ों हवि करो, ोंि उनोंरतपमय िैं;

और पर यह रकट .

6 ़िों, वर जय जयककरो,

ोंि इसएल पविपरमवर ैं."

Estes versículos te tocaram? Ore agora!

+581 estão orando agora.

Junte-se à corrente de oração.

Veja também