5 याहवेह ने यह कहा है:
"शापित है वह मनुष्य, जिसने मानव की क्षमताओं को अपना आधार बनाया हुआ है,
जिनका भरोसा मनुष्य की शक्ति में है
तथा जो मुझसे विमुख हो चुका है.
5 याहवेह ने यह कहा है:
"शापित है वह मनुष्य, जिसने मानव की क्षमताओं को अपना आधार बनाया हुआ है,
जिनका भरोसा मनुष्य की शक्ति में है
तथा जो मुझसे विमुख हो चुका है.