15 याहवेह की बात यह है:
"रामाह नगर में एक शब्द सुना गया,
रोना तथा घोर विलाप!
राहेल अपने बालकों के लिए रो रही है.
धीरज उसे स्वीकार नहीं
क्योंकि अब वे हैं ही नहीं."
15 याहवेह की बात यह है:
"रामाह नगर में एक शब्द सुना गया,
रोना तथा घोर विलाप!
राहेल अपने बालकों के लिए रो रही है.
धीरज उसे स्वीकार नहीं
क्योंकि अब वे हैं ही नहीं."