हन्ना किई बिधाते स्तोती
1 2:1 लूक. 1:46-55 हन्ना किई बिधाता सेटा एही प्राथणां,
"हे बिधाता, तंऐं दैनी हुंह खुशी करै भरी,
हे बिधाता, तेरै एऊ कामां करै हुअ मेरअ अदर!
ऐबै सका हुंह बी आपणैं दुशमणा लै ज़बाब दैई
किल्हैकि मुंह हुई खास्सी खुशी कि तंऐं दैनअ मुल्है छ़ुटकारअ।
2 ताह बिधाता सान पबित्र निं कोहै आथी,
ताह ज़िहअ निं होर कोहै आथी,
ताह म्हारै परमेशरा ज़ेही शरण दैणैं आल़अ निं कोहै आथी।