हन्ना किई बिधाते स्तोती
1 2:1 लूक. 1:46-55 हन्ना किई बिधाता सेटा एही प्राथणां,
"हे बिधाता, तंऐं दैनी हुंह खुशी करै भरी,
हे बिधाता, तेरै एऊ कामां करै हुअ मेरअ अदर!
ऐबै सका हुंह बी आपणैं दुशमणा लै ज़बाब दैई
किल्हैकि मुंह हुई खास्सी खुशी कि तंऐं दैनअ मुल्है छ़ुटकारअ।
2 ताह बिधाता सान पबित्र निं कोहै आथी,
ताह ज़िहअ निं होर कोहै आथी,
ताह म्हारै परमेशरा ज़ेही शरण दैणैं आल़अ निं कोहै आथी।
3 हुंह सका तिन्नां घमंडी लोगा लै इहअ बोली,
‘बडी-बडी डिंगा मारने पाआ छ़ाड़,
बिधाता आसा परमेशर, तेऊ का निं किछ़ू गल्ले च़ोरी करी सकदै,
सह करा म्हारै सोभी कामां भाल़ी तेतो नसाफ।’
4 हे बिधाता, तंऐं पाऐ बडै-बडै शूरबीरे कतीर-कबाण चोल़ी,
पर दुबल़ै आदमी करा तूह बलबान।
5 ज़ुंण रज्ज़ै-पूज़ै दै थिऐ,
तिंयां लागै आपणैं पेटा धाचणा लै मज़दूरी करदै!
ज़ुंण भुखै थिऐ, तिन्नां दैनअ तंऐं रज्ज़ी खाणां लै।
बांढी बेटल़ी लै दैनै तंऐं सात शोहरू,
ज़सरै खास्सै शोहरू थिऐ तिंयां निं कोहै रहै।
6 मारनै तारनै आल़अ तूह ई बिधाता
तूह पजैल़ा लोगा तिधी, ज़िधी मरी करै डेओआ
अर तेता का बापस बी आणा तिन्नां तूह ई।
7 तूह बिधाता ई बणाआं कोई सेठ अर कोई मणछा गरीब,
तूह ई दैआ कोई मणछा लै बडी ज़ैगा बशैल़ी अदर
अर कोई करा नकदरै।
8 तूह करा रैनै-गरीबा धूल़ै-माट्टै जैंदरा का बी खल़ै,
संघा दैआ तिन्नां लै सेठ अर बलबान लोगा संघै बशैल़ी अदर।
पृथूईए आथरी आसा तंऐं बिधाता पाई दी
अर तेथ प्रैंदै आसा तंऐं अह संसार बणाअं द।
9 तूह करा आपणीं परज़े फाज़त,
पर कदुष्ट हणैं न्हैरै दी खतम,
किल्हैकि कोहै मणछ निं आपणैं ज़ोरै ज़िती सकदअ।
10 ज़ुंण बिधाता संघै ज़ीद डाहा, तिंयां हणैं पठी खतम,
तेऊ क्रुंगणअ तिन्नां लै स्वर्गा का।
तेऊ करनअ सारै संसारो नसाफ,
बिधाता दैणअ तेऊ राज़ै लै बल अर ज़ीत
ज़ुंण तेऊ आप्पै आसा छ़ांटअ द।"