मोहर लाई बंद कताब अर मिम्मूं
1 तेखअ ज़ुंण राज़गाद्दी दी त बेठअ द, मंऐं भाल़ी तेऊए दैहणै हाथै एक कताब, सह थिई भितरा अर बागा दुही बाखा लिखी दी अर सह थिई सात मोहरा लाई करै बंद किई दी।5:1 एज. 2:9-10
2 तेखअ भाल़अ मंऐं बडअ जोधअ स्वर्ग दूत। सह थिअ ज़ोरै-ज़ोरै इहअ बोल्दअ लागअ द, "ऐहा कताबा खोल्हणैं अर एते मोहरा चोल़णैं जोगी कुंण आसा?"