1 मोसा बोलअ इज़राईली लै इहअ, "ज़ुंण ज़ैगा बिधाता तम्हां लै आसा लाई दी दैई, ज़ेभै तम्हैं तैहा ज़ैगे मालक बणी तिधी बस्सी जाए, 2 तेऊ देशै ज़ांऊं थारी साल-फसल होए, तेता मांझ़ा का छ़ांटै तम्हैं पैहलअ भाग ज़ुदअ च़ठै दी। संघा निंयैं तेता तैहा पबित्र ज़ैगा ज़ुंण बिधाता आप्पू लै आसा छ़ांटी दी। 3 तेखअ तिन्नां धैल़ै ज़ुंण तिधी प्रोहत होए तेऊ लै बोलै इहअ, ‘हुंह मना आझ़ ऐहा गल्ला कि बिधाता हेरै हाम्हैं तैहा ज़ैगा पजैल़ी ज़ेता दैणें करार तेऊ खास्सी साला पैहलै म्हारै दादा-बाबा संघै थिई किई दी।’
4 "तेखअ ढाकै प्रोहत तेऊए हाथा का तेऊ नाज़े च़ठै पोर्ही संघा डाहै बिधाते बेदी सम्हनै। 5 तेखअ बोलै सह मणछ तिधी बिधाता सम्हनै इहअ,
‘मेरअ मूल़ दाद-बाब थिअ अरामी,
सह डेऊअ आपणैं धख ज़िहै टबरा
संघा निंईं मिसर देशा लै।
तिधी रहै तिंयां खास्सी साला परदेसी,
तेऊ देशै रहंदी हुऐ तिंयां
खास्सै मणछो बलबान देश।
6 मिसरी लोग हुऐ हाम्हां लै खास्सै बूरै,
तिन्नैं दैनै म्हारै लोगा लै दुख
संघा बणाऐं ज़ोरा-ज़ोरी आपणैं गलाम।
7 पर हाम्हैं मांगी लेर-पकार पाई
ताह बिधाता का मज़त
ज़हा म्हारै दाद-बाब मना तै।
हे बिधाता, तंऐं शूणीं म्हारी लेर-पकार,
ताखा थिअ थोघ कि
मिसरी हाम्हां लै दाह दुख दैई,
हाम्हैं किहै हारी-मारी आणै तै!
8 तेखअ डरैऊऐ तंऐं मिसरी लोग
आपणैं महान बल अर च़मत्कार रहैऊई,
संघा आणै हाम्हैं मिसर देशा का बच़ाऊई।
9 तेखअ पजैल़ै हाम्हैं तंऐं इधी,
संघा दैनी तंऐं अह रज़दी-पज़दी ज़ैगा हाम्हां लै
ज़ुंण दुधा-मखीरे गाडा बगणैं ज़ेही आसा।
10 ऐबै हे बिधाता, मंऐं आणअ
तैहा ई ज़ैगे पज़ैआ मांझ़ै पैहलअ भाग ताल्है,
ज़ुंण ज़ैगा तंऐं मुल्है आसा दैनी दी।’
"इना गल्ला बोली डाहै सह मणछ तेऊ च़ठै बिधाते बेदी आजू धरनीं संघा टेक्कै तिधी बिधाता सेटा माथअ।
11 "तेखअ सका सह मणछ आपणैं सोभी टबरा संघी पबित्र ज़ैगा भोज़ करी आपणैं बिधाता लै शूकर करी कि तेऊ दैनी ताल्है खास्सी पज़ैआ। पर तेऊ भोज़ा खांदै लऐ लेबी मांझ़ै प्रोहत अर परदेसी मणछा शादी ज़ुंण तम्हां मांझ़ै आसा बस्सै दै।
12 "हर साल दैऐ तम्हैं आपणीं पज़ैआ मांझ़ै बिधाता लै दसुअ निसब। पर हर चिऊथी साला दैऐ तम्हैं आपणीं सारी पज़ैआ मांझ़ै तेऊ दसुऐ निसबा, थारी नगरी रहणैं आल़ै गरीब, परदेसी, बिधबा, छ़ुटै-मुक्कै दै अर लेबी गोत्रे लोगा लै। ताकि इहअ करै तिंयां बी रज्ज़ी खाई सके।
13 "तेखअ करै तम्हैं आपणैं परमेशर बिधाता का एही अरज़, ‘ज़िहअ तंऐं हुकम किअ, तेही ई डाही हाम्हैं आपणीं पज़ैआ मांझ़ै हर गल्लो दसुअ निसब ज़ुदअ ताल्है पबित्र अर सह दैनअ हाम्हैं नगरी रहणैं आल़ै गरीब, परदेसी, बिधबा, छ़ुटै-मुक्कै दै अर लेबी गोत्रे लोगा लै।
14 "‘ज़ुंण नाज़ हाम्हैं बिधाता लै पबित्र ज़ुदअ डाहअ, सह निं हाम्हैं शोगा करने छ़ोतलै धैल़ै खाअ अर नां छ़ोतलै हाथै छ़ुंहंअ, नां हाम्हैं एता का कहा भूत-प्रेता लै छ़ाडअ। हाम्हैं किअ तिहअ ई ज़िहअ तंऐं मुल्है हुकम किअ त।
15 "‘हे बिधाता, स्वर्ग ज़ुंण तेरी पबित्र ज़ैगा आसा, तिधा का भाल़ उंधै हाम्हां बाखा लै, संघा दै हाम्हां इज़राईली लै बर्गत ज़ुंण तेरी आपणीं परज़ा आसा। अह रज़दी-पज़दी ज़ैगा ज़ुंण तंऐं हाम्हां लै आसा दैनी दी, एता लै बी दै बर्गत ज़ेही तंऐं म्हारै दादा-बाबा संघै किई दी करार पूरी किई।’
16 "बिधाता दैनअ तम्हां लै आझ़ हुकम कि इना बधाना अर बिधी मनै तम्हैं सारअ मन्न, प्राण अर आपणअ सारअ ज़ोर लाई।
17 "तम्हैं मनी आझ़ अह गल्ल कि बिधाता रहणअ सदा थारअ परमेशर, अर तम्हां मनणै सदा तेऊए बधान, बिधी अर हुकम। ज़िहअ बिधाता बोले तम्हां करनअ तिहअ ई।
18 "बिधाता हेरै तम्हैं आझ़ आपणीं खास परज़ा मनी, ज़ेही तेऊ ज़बान ती दैनी दी। सह दैआ तम्हां लै हुकम कि तम्हैं बी तेऊओ बधान मने। 19 संसारे सोभ लोग आसा बिधाता आप्पै बणाऐं दै, तेऊ बणाऐं तम्हैं तिन्नां सोभी देशा का मशूर अर थारअ हणअ खास्सअ अदर। बिधाते आपणीं पबित्र परज़ा हणैं सिधै तम्हैं ई, ज़ेही तेऊ करार आसा किई दी।"