12 तिन्नैं बोली एही गिह, "म्हारै परमेशरे स्तोती, प्रतप्प, ज्ञैन, शूकर, अदर अर शगती लोल़ी जुगै-जुगै बणी रही। एवमस्तू।"
12 तिन्नैं बोली एही गिह, "म्हारै परमेशरे स्तोती, प्रतप्प, ज्ञैन, शूकर, अदर अर शगती लोल़ी जुगै-जुगै बणी रही। एवमस्तू।"