45 अळतेण जत्यार तारा भाय नी रीह तार पोर सी उतरे, अने जे काम तु तीनी ह़ाते करलो से तीहयो तीने भुल जाय; तत्यार मे तने तां गेथो बोलाव्वा मोकलही। ईसम ह़ुका हये के एकीत दाड़े मे तमु बेम जणा ने खोय देम?"
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45 अळतेण जत्यार तारा भाय नी रीह तार पोर सी उतरे, अने जे काम तु तीनी ह़ाते करलो से तीहयो तीने भुल जाय; तत्यार मे तने तां गेथो बोलाव्वा मोकलही। ईसम ह़ुका हये के एकीत दाड़े मे तमु बेम जणा ने खोय देम?"