Pular para o conteúdo
Publicidade

उबजणाय कीताप 4

12 कदधरतकरे, आखतनजड़े, अनधरतभटकवअनआयजवहयही।"

13 तत्‌यहो, "आहयघणे। 14 , आज ़े मन्‌अनींअनधरतभटकवअनवण-घ्‌ी; अनमऩोदहे, हयमनखहे।"

15 आनयहो, "रह़ाबदले।" अनयहएक ईसम हये।

16 तत्‌यह़ाजत ्‌ो, अन4:16 नोद वण-घोर्‌यो े, अदन उगवणभणे, ्‌ो।

Veja também