1 जो पुजारी और लेवी सालतीएल के लौड़ा जरुब्बाबेल और ईसु के संग यरूसलेम कै गै रहैं, बे जे रहैं: सरायाह, यिर्मयाह, एज्रा,
2 अमर्याह, मल्लूक, हत्तूस, 3 सकन्याह, रहूम, मरेमोत, 4 इद्दो, गिन्नतोई, अबिय्याह, 5 मिय्यामीन, माद्याह, बिलगा, 6 समायाह, योयारीब, यदायाह, 7 सल्लू, आमोक, हिल्किय्याह और यदायाह।
ईसु के दिनन मैं पुजारिन और उनके भईय्यन के खास लोग, जेईं रहैं।
8 फिर जे लेवी गै ईसु, बिन्नूई, कदमीएल, सेरेब्याह, यहूदा और बौ मत्तन्याह जो अपने भईय्यन समेत धन्यवाद के काम मैं ठहराओ गौ रहै।
9 उनके भईय्या बकबुक्याह और उन्नो उनके सामने अपनी-अपनी सेवकाई मैं लगे रहत रहैं।
10 ईसु से योयाकीम पैदा भौ और योयाकीम से एल्यासीब और एल्यासीब से योयादा; 11 और योयादा से योनातान और योनातान से यद्दू पैदा भौ।
12 योयाकीम के दिनन मैं जे पुजारी अपने-अपने पितरन के घरानन के खास लोग रहैं, मतलब सरायाह बंस को मरायाह, यिर्मयाह को हनन्याह; 13 एज्रा को मसुल्लाम; अमर्याह को यहोहानान; 14 मल्लूकी को योनातान; सबन्याह को योसेफ; 15 हारीम को अदना; मरायोत को हेलकै; 16 इद्दो को जकर्याह; गिन्नतोन को मसुल्लाम; 17 अबिय्याह को जिक्री; मिन्यामीन के मोअद्याह को पिलतै; 18 बिलगा को सम्मू; समायाह को यहोनातान; 19 योयारीब को मत्तनै; यदायाह को उज्जी; 20 सल्लू को कल्लै; आमोक को एबर; 21 हिल्किय्याह को हसब्याह; और यदायाह को नतनेल मखिया रहै।
22 एल्यासीब, योयादा, योहानान और यद्दू के दिनन मैं लेवी पितरन के बंस के मुख्य लोगन के नाओं लिखे जात रहैं, और फारस के राजा दारा के राज्य मैं पुजारिन के भी नाओं लिखे जात रहैं।
23 जो लेवी पितरन के घरानन के मुख्य लोग रहैं, उनके नाओं एल्यासीब के लौड़ा योहानान के दिनन ले इतिहास की किताब मैं लिखे जात रहैं।
24 लेवियन के मुख्य लोग जे रहैं: मतलब हसब्याह, सेरेब्याह और कदमीएल को लौड़ा ईसु; और उनके सामने उनके भईय्या परमेस्वर के भक्त दाऊद की आग्या के हिसाब से दल मैं बटकै उनके आमने-सामने स्तुति और धन्यवाद करन ताहीं चुने गै रहैं।
25 मत्तन्याह, बकबुक्याह, ओबघाह, मसुल्लाम, तल्मोन और अक्कूब फाटकन के झोने के भंडारन को पहरा देन बारो फाटक को रखबरिया रहै।
26 योयाकीम के दिनन मैं जो योसादाक को धुईतो और ईसु को लौड़ा रहै, और नहेम्याह अधिपति और एज्रा पुजारी और यहूदी नियम के सिक्छकन के दिनन मैं जेईं रहैं।
27 यरूसलेम की दीबार समर्पड़ के समय लेवी अपने सब जघन मैं ढूँढ़े गै, कि यरूसलेम कै पहुँचाए जामैं, जोसे खुसी और धन्यवाद करकै और झाँझ, सारंगी और वीड़ा बजाएकै, और गाएकै बाको समर्पड़ करैं। 28 तौ गबईय्यन की औलाद यरूसलेम के चारौ घाँईं के देस से और नतोपातियन के गाओं से, 29 और बेतगिलगाल से, और गेबा और अजमावेत के खेतन से इकट्ठे भै; काहैकि गबईय्या यरूसलेम के आसपास के गाओं बसाए लई रहैं। 30 तौ पुजारी और लेवी खुदकै सुद्ध करीं; और बे प्रजा कै, और फाटकन कै और दीबार कै भी सुद्ध करीं।
31 तौ राजा यहूदी नेता कै दीबार मैं चढ़ाएकै दुई बड़े दल ठहराओ, जो धन्यवाद करत भई धूमधाम के संग चलत रहैं। इनमैं से एक दल तौ तरिहाँए के घाँईं, मतलब कूड़ा-फाटक के घाँईं दीबार के ऊपर-ऊपर से चलो;
32 और राजा पच्छू-पच्छू जे चले, मतलब होसायाह, और यहूदा के आधे नेता, 33 और अजर्याह, एज्रा, मसुल्लाम, 34 यहूदा, बिन्यामीन, समायाह, और यिर्मयाह, 35 और पुजारिन के कितने लौड़ा तुरही लै भै: मतलब जकर्याह जो योनातान को लौड़ा रहै, जौ समायाह को लौड़ा , जौ मत्तन्याह को लौड़ा, जौ मीकायाह को लौड़ा, जौ जक्कूर को लौड़ा, जौ आसाप को लौड़ा रहै। 36 और बाके भईय्या समायाह, अजरेल, मिललै, गिललै, माऐ, नतनेल, यहूदा और हनानी परमेस्वर के भक्त दाऊद को बाजा लै पड़े रहैं; और उनके अग्गु-अग्गु एज्रा यहूदी नियम को सिक्छक चलो। 37 जौ सोताफाटक से हुईकै सीधे दाऊदपुर की सिड़ी मैं चढ़ो, दीबार की ऊँचाई से चलकै, दाऊद के भवन के ऊपर से हुईकै, अगार के घाँईं जलफाटक ले पहुँचे।
38 धन्यवाद करन और धूमधाम से चलन बारेन को दूसरो दल, और उनके पच्छू-पच्छू मैं, और आधे लोग उनसे मिलन कै दीबार के ऊपर- ऊपर से भट्टन के गुम्मट के झोने से चौड़ी दीबार ले, 39 और एप्रेम के फाटक और पुराने फाटक, और मच्छी फाटक, और हननेल के गुम्मट, और हम्मेआ नाओं के गुम्मट के झोने से हुई कै भेंड़ फाटक ले चले, और पहरुआ के फाटक के झोने ठाड़ गै।
40 तौ धन्यवाद करन बारेन के दोनों दल और मैं और मेरे संग के आधे नेता परमेस्वर के भवन मैं ठाड़गै। 41 और एल्याकीम, मासेयाह, मिन्यामीन, मीकायाह, एल्योएनै, जकर्याह और हनन्याह नाओं के पुजारी तुरही लै पड़े रहैं। 42 मासेयाह, समायाह, एलीआजर, उज्जी, यहोहानान, मल्किय्याह, एलाम, और एजेर ठाड़े पड़े रहैं, और गबईय्या जिनको मुखिया यिज्रह्याह रहै, बे ऊँचे स्वर से गात बजात रहैं।
43 बहे दिन लोग बड़े-बड़े महाबलि चढ़ाईं, और खुसी मनाईं; काहैकि परमेस्वर उन्हैं भौत खुसी दई रहै; बईय्यरैं और बाल-बच्चे भी खुसी मनाईं। यरूसलेम के आनंद की आवाज दूर-दूर ले फैल गई।
44 उपासना और तमान चीजन की व्यवस्था बहे दिन खजानन के, उठाई भई भेंटन के, पहली-पहली उपज के, और दसमांसन की कुठरियन के अधिकारी ठहराए गै, कि उनमैं नगर-नगर के खेतन के हिसाब से बे चीजन कै जमा करैं, जो व्यवस्था के हिसाब से पुजारियन और लेवियन के हिस्सा मैं करी रहैं; काहैकि यहूदा के लोग हुँआँ के पुजारिन और लेवियन के बजह से खुस रहैं। 45 जौ बजह से बे अपने परमेस्वर के काम और सुद्धता के बारे मैं चौकसी करते रहे; और गबईय्या और फाटक खोलन बारे भी दाऊद और बाके लौड़ा सुलेमान की आग्या के हिसाब से बैसोई करत रहे। 46 पुराने जमाने मैं, मतलब दाऊद और आसाप के दिनन मैं तौ गबईय्यन के प्रधान रहैं, और परमेस्वर की स्तुति और धन्यवाद ले गीत गाए जात रहैं। 47 जरुब्बाबेल और नहेम्याह के दिनन मैं सब इस्राएली, गबईय्या और द्वारपाल के हर दिन को हिस्सा देत रहैं; और बे लेबियन को हिस्सा पवित्र करकै देत रहैं; और लेवी हारून के लौड़न को हिस्सा पवित्र करकै देत रहै।