नहेम्याह के जरिये यरूसलेम की दीबार को समर्पड़
27 यरूसलेम की दीबार समर्पड़ के समय लेवी अपने सब जघन मैं ढूँढ़े गै, कि यरूसलेम कै पहुँचाए जामैं, जोसे खुसी और धन्यवाद करकै और झाँझ, सारंगी और वीड़ा बजाएकै, और गाएकै बाको समर्पड़ करैं।
31 तौ राजा यहूदी नेता कै दीबार मैं चढ़ाएकै दुई बड़े दल ठहराओ, जो धन्यवाद करत भई धूमधाम के संग चलत रहैं। इनमैं से एक दल तौ तरिहाँए के घाँईं, मतलब कूड़ा-फाटक के घाँईं दीबार के ऊपर-ऊपर से चलो;
38 धन्यवाद करन और धूमधाम से चलन बारेन को दूसरो दल, और उनके पच्छू-पच्छू मैं, और आधे लोग उनसे मिलन कै दीबार के ऊपर- ऊपर से भट्टन के गुम्मट के झोने से चौड़ी दीबार ले,
43 बहे दिन लोग बड़े-बड़े महाबलि चढ़ाईं, और खुसी मनाईं; काहैकि परमेस्वर उन्हैं भौत खुसी दई रहै; बईय्यरैं और बाल-बच्चे भी खुसी मनाईं। यरूसलेम के आनंद की आवाज दूर-दूर ले फैल गई।