2 तौ सम्बल्लत और गेसेम मेरे झोने जौ खबर भेजीं, "आ, आपन ओनो के मैदान के कोई गाँव मैं एक दुसरे से भेंट करैं।" पर बे मेरो नुकसान करन की इच्छा करत रहैं। 3 पर मैं उनके झोने दूत के जरिये जौ जबाब दौ, "मैं तौ भारी काम मैं लगो हौं, हुँआँ नाय जाए सकथौ; मेरे जाकै छोड़कै, तुमरे झोने जान से जौ काम काहे बंद रहै?"
4 फिर बे चार बार मेरे झोने बैसिये खबर भेजीं, और मै उनकै बैसिये जबाब दौ।
6 जो मै जौ लिखो रहै, "जाति- जाति के लोगन मैं जौ कहो जाथै, और गेसेम भी जहे बात कहथै, कि तुमरी और यहूदियन की मनसा बगावत करन की है, और तभई तू बौ दीबार कै बनवाथै; और तू जे बातन के जैसी बाको राजा बननो चाहथै।
8 तौ मैं अपने मालिक के झोने खबर भेजो, "जैसे तू कहथै, बैसे तौ कुछ भी नाय भौ, तैं जे बात अपने मन गढ़थै।"
9 बे सब लोग जौ सोच कै हमैं डरानो चाहथै, "उनके हात ढीले पड़े, और काम बन्द ही जाए।" पर अब हे परमेस्वर, तू मोकै हिम्मत दे।