8 रब मेहरबान और रहीम है। वह तहम्मुल और शफ़क़त से भरपूर है।
9 रब सबके साथ भलाई करता है, वह अपनी तमाम मख़लूक़ात पर रहम करता है।
10 ऐ रब, तेरी तमाम मख़लूक़ात तेरा शुक्र करें। तेरे ईमानदार तेरी तमजीद करें।
11 वह तेरी बादशाही के जलाल पर फ़ख़र करें और तेरी क़ुदरत बयान करें
12 ताकि आदमज़ाद तेरे क़वी कामों और तेरी बादशाही की जलाली शानो-शौकत से आगाह हो जाएँ।