5 गिबोन म्ह यहोवा नै रात म्ह सपने के जरिये सुलैमान तै दर्शन देकै कह्या, "जो कुछ तू चावै के मै तन्नै देऊँ, वो माँग।" 6 सुलैमान नै कह्या, "तू अपणे दास मेरे पिता दाऊद पै बड़ी करुणा करदा रह्या, क्यूँके वो अपणे-आपनै तेरै स्याम्ही जाणकै तेरे गैल सच्चाई अर धार्मिकता अर मन की सिधाई तै चालदा रह्या; अर तन्नै उरै ताहीं उसपै करुणा करी थी के उसतै उसकी गद्दी पै बैठण आळा एक बेट्टा दिया सै, जिसा के आज वर्तमान म्ह सै। 7 अर इब हे मेरे परमेसवर यहोवा! तन्नै अपणे दास ताहीं मेरे पिता दाऊद की जगहां पै राजा बणाया सै, पर मै छोट्टा छोरा सा सूं जो भित्तर-बाहर आणा-जाणा न्ही जाणदा। 8 फेर तेरा दास तेरी चुणी होई प्रजा के भोत-से माणसां कै बिचाळै सै, जिनकी गिणती बहुतायत के मारे न्ही हो सकदी। 9 तू अपणे दास नै अपणी प्रजा का न्याय करण कै खात्तर समझण की इसी शक्ति दे, के मै भले-बुरे नै परख सकूँ; क्यूँके कौण इसा सै के तेरी इतणी बड़ी प्रजा का न्याय कर सकै?" 10 इस बात तै प्रभु खुश होया, के सुलैमान नै इसा वरदान मांग्या सै। 11 फेर परमेसवर नै उसतै कह्या, "ज्यांतै के तन्नै यो वरदान मांग्या सै, अर ना तो लाम्बी उम्र अर ना धन अर ना अपणे बैरियाँ का नाश मांग्या सै, पर समझण के विवेक का वरदान मांग्या सै ज्यांतै सुण, 12 मै तेरी बिनती कै मुताबिक करुँ सूं, तन्नै बुद्धि अर विवेक तै भरया मन देऊँ सूं, उरै ताहीं के तेरै बराबर ना तो तेरे तै पैहल्या कोए कदे होया, अर ना बाद म्ह कोए कदे होवैगा।
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