10 वो मन म्ह दुखी होकै यहोवा तै प्रार्थना करण अर बिलख-बिलख कै रोण लाग्गी। 11 अर उसनै या मन्नत माँग्गी, "हे सेनाओं के यहोवा, जै तू अपणी दास्सी के दुःख पै सचमुच निगांह करै, अर मेरी सुधि ले, अर अपणी दास्सी नै भूल ना जावै, अर अपणी दास्सी ताहीं बेट्टा दे, तो मै उस ताहीं उसके जीवन भर खात्तर यहोवा नै अर्पण करुँगी, अर उसके सिर पै छुरा फिरण ना पावैगा ।"
12 जिब हन्ना यहोवा के स्याम्ही इसी प्रार्थना करण लागरी थी, तो एली उसके मुँह कान्ही देखण लाग रह्या था। 13 हन्ना मन ए मन कहण लागरी थी; उसके होठ तो हाल्लै थे पर उसकी आवाज कोनी सुणै थी; ज्यांतै एली नै समझया के वा नशे म्ह सै। 14 फेर एली नै उसतै कह्या, "तू कद ताहीं नशे म्ह रहवैगी? अपणा नशा तार।" 15 हन्ना नै जवाब दिया, "न्ही, हे मेरे स्वामी, मै तो दुखियाँ सूं; मन्नै ना तो दाखमधु पिया सै अर ना मदिरा, मन्नै अपणे मन की बात खोलकै यहोवा तै कही सै। 16 अपणी दास्सी नै ओच्छी जनान्नी ना जाण, जो किमे मन्नै इब तक कह्या सै, वो घणीए दुखी होण अर चिढ़ाई जाण के कारण कह्या सै।" 17 एली नै कह्या, "बेफिकर होकै चली जा; इस्राएल का परमेसवर तन्नै मन चाह्या वरदान दे।" 18 उसनै कह्या, "तेरी दास्सी तेरी नजरां म्ह दया पावै।" फेर वा जनान्नी चली गई अर खाणा खाया, अर उसका मुँह फेर उदास न्ही रहया। 19 वे आगले दिन सुबेरै उठकै यहोवा नै आराधना करकै रामाह म्ह अपणे घर बोहड़गे। अर एल्काना अपणी जनान्नी हन्ना के धोरै गया, अर यहोवा नै उसकी सुधि ली; 20 जब बखत आया अर हन्ना गर्भवती होई अर बखत पै उसकै एक बेट्टा होया, अर उसका नाम शमूएल धरया क्यूँके वा कहण लाग्गी, "मन्नै यहोवा तै माँगकै इस ताहीं पाया सै।"