22 शमूएल नै कह्या,
"के यहोवा होमबलियाँ, अर मेलबलियां तै उतणा खुश होवै सै,
जितना के अपणी बात के मान्ने जाण तै खुश होवै सै?
सुण, मानणा तो बलि चढ़ाण तै अर कान लगाणा मिंढयाँ की चर्बी तै बाध सै15:22 मिंढयाँ की चर्बी तै बाध सै यशा. 1:10-11; यिर्म. 6:20; 7:21-26; होशे. 6:6; आमोस. 5:21-24; मीका. 6:6-8।।