2 एक दिन साँझ के बखत दाऊद पलंग पै तै उठकै राजभवन की छात पै घूम्मै था, अर छात पै तै उसनै एक जनान्नी, जो घणी सुथरी थी, नहान्दी होई दिखाई देई। 3 जिब दाऊद नै भेजकै उस जनान्नी ताहीं पूच्छवाया, फेर किसे नै कह्या, "के या एलीआम की बेट्टी, अर हित्ती ऊरिय्याह11:3 ऊरिय्याह योआब का हथियार ढोण आळा की घरआळी बतशेबा न्ही सै?" 4 फेर दाऊद नै दूत भेजकै उस ताहीं बुलवा लिया; अर वा दाऊद कै धोरै आई, अर वो उसकै गैल सोया। (वा तो मासिक धर्म तै शुद्ध होई थी) फेर वा अपणे घर बोहड़गी। 5 अर कुछ हफ्ते बाद वा जनान्नी गर्भवती होई, फेर दाऊद कै धोरै कुह्वा भेज्या, के मै गर्भवती होगी सूं।
14 सबेरै दाऊद नै योआब कै नाम पै एक चिट्ठी लिखकै ऊरिय्याह कै हाथ भेज दी। 15 उस चिट्ठी म्ह या लिख्या था, "सब तै घोर युद्ध कै स्याम्ही ऊरिय्याह नै राखिये, फेर उस नै छोड़कै बोहड़ आओ, के वो घायल होकै मर जावै।" 17 फेर नगर के माणसां नै लिकड़कै योआब तै युद्ध करया, अर माणसां म्ह तै, यानिके दाऊद के सेवकां म्ह तै कितणे मारे गए; अर उन म्ह हित्ती ऊरिय्याह भी मर ग्या।
27 अर जिब उसके बिलाप के दिन बीत चुके11:27 बीत चुके बिलाप के दिन इस्राएलियाँ खात्तर शोक की या अवधि आमतौर पै सात दिन की होया करदी (उत्पत्ति 50:10; 1 शमूएल 31:13), फेर दाऊद नै उस ताहीं बुलवाकै अपणे घर म्ह राख लिया, अर वा उसकी घरआळी होगी, अर उसकै बेट्टा पैदा होया। पर उस काम तै जो दाऊद नै करया था यहोवा गुस्सा होया।