नातान द्वारा दाऊद नै सन्देस
1 क्यूँके यहोवा दाऊद के करे होए काम कै कारण घुसा था तो फेर यहोवा नै दाऊद कै धोरै नातान नबी ताहीं भेज्या, अर वो उसके धोरै जाकै कहण लाग्या, "एक नगर म्ह दो माणस रह्या करदे, जिन म्ह तै एक धनी अर एक गरीब था। 2 धनी कै धोरै तो भोत सी भेड़-बकरी अर गां-बळध थे; 3 पर गरीब कै धोरै भेड़ की एक छोट्टी बच्ची नै छोड़ और किमे भी न्ही था, अर उस नै उस ताहीं मोल लेकै पाळ्या था। वा उसके धोरै उसके बाल-बच्यां कै गैल ए बड़ी होई थी; वा उसके टुकड़े म्ह तै खान्दी, अर उसकै कटोरे म्ह तै पीन्दी, अर उसकी गोद म्ह सोन्दी, अर वा उसकै खात्तर उसकी बेट्टी कै बराबर थी। 4 अर एक दिन धनी कै धोरै एक मुसाफिर आया, अर उसनै उस मेहमान खात्तर, जो उसकै धोरै आया था, खाणा बणवाण नै अपणी भेड़-बकरियाँ या गां-बळधां म्ह तै किमे न्ही लिया, पर उस गरीब माणस की भेड़ की बच्ची लेकै उस मेहमान खात्तर, जो उसकै धोरै आया था, खाणा बणवाया।" 5 फेर दाऊद का छो उस माणस पै घणा भड़क्या; अर उसनै नातान तै कह्या, "यहोवा के जीवन की कसम, जिस माणस नै इसा काम करया वो मौत कै लायक सै; 6 अर उसनै उस भेड़ की बच्ची का च्यार गुणा भर देणा पड़ैगा, क्यूँके उसनै इसा काम करया, अर किमे दया न्ही करी।" 7 फेर नातान नै दाऊद तै कह्या, "तू ए वो माणस सै। इस्राएल का परमेसवर यहोवा यो कहवै सै, ‘मन्नै तेरा अभिषेक करकै तेरे ताहीं इस्राएल का राजा ठैहराया, अर मन्नै तेरे ताहीं शाऊल के हाथ तै बचाया;