10 फेर अय्या की बेट्टी रिस्पा नै टाट लेकै, कटणी के शरुआत तै लेकै जिब तक अकास तै उनपै खूब बारिस ना होई, जिब ताहीं चट्टान पै उसनै अपणे नीच्चै बिछाये रही; अर ना तो दिन म्ह अकास के पंछियाँ तै, अर न रात म्ह जंगळी-पशुआं तै उननै छूण दिया। 11 जिब अय्या की बेट्टी शाऊल की रखैल रिस्पा के इस काम की खबर दाऊद नै मिली,