21 फेर तू इन सारे माणसां म्ह तै इसे माणसां नै छाँट ले, जो गुणी, अर परमेसवर का भय मानण आळे, सच्चे, अर अन्याय के लाभ तै घृणा करण आळे हों; अर उननै हजार-हजार, सौ-सौ, पचास-पचास, अर दस-दस माणसां पै प्रधान बणा दे।
21 फेर तू इन सारे माणसां म्ह तै इसे माणसां नै छाँट ले, जो गुणी, अर परमेसवर का भय मानण आळे, सच्चे, अर अन्याय के लाभ तै घृणा करण आळे हों; अर उननै हजार-हजार, सौ-सौ, पचास-पचास, अर दस-दस माणसां पै प्रधान बणा दे।