8 वो पाणी नै अपणी काळी घटा म्ह बाँधे राक्खै,
अर बादळ उसके बोझ तै न्ही पाटदा।
9 वो अपणे सिंहासन कै स्याम्ही बादळ फैलाकै
चाँद नै लहकोए राक्खै सै।
10 चाँदणे अर अँधेरे कै बीच जित्त हद बाँधी सै,
ओड़ै तक उसनै पाणी की हद ठहरा राक्खी सै।
8 वो पाणी नै अपणी काळी घटा म्ह बाँधे राक्खै,
अर बादळ उसके बोझ तै न्ही पाटदा।
9 वो अपणे सिंहासन कै स्याम्ही बादळ फैलाकै
चाँद नै लहकोए राक्खै सै।
10 चाँदणे अर अँधेरे कै बीच जित्त हद बाँधी सै,
ओड़ै तक उसनै पाणी की हद ठहरा राक्खी सै।