11 जेबे आऊँ यरूशलेम शईरो दे पऊँचेया, तेबे आऊँ तेथी तीऊँ दिना तक रया।
नहेम्याह रा शईरो री दवाला खे देखणा
12 तेबे आऊँ थोड़े जे यहूदी मर्दा खे लई की राती उठेया; मैं केसी गे नि दशेया कि मेरे परमेशरे यरूशलेम शईरो रे कल्याणो खे मेरे मनो दे क्या परी राखेया। आऊँ आपणी सवारिया रे डांगरो खे छाडी की ओरी केसी बी डांगरो खे आपू साथे नि लईगा। 13 आऊँ राती तराईया रे बड़े द्वारो रिये ऊई की निकल़ेया ओर अजगरो री सूबल़ा रिये ऊई की कूड़े रे बड़े द्वारो गे गया ओर यरूशलेम शईरो री टूटी री दवाल ओर फूखेया रा द्वार बी देखेया। 14 तेबे आऊँ आगे चली की सूबल़ा रे बड़े द्वार ओर राजे रे कुण्डो गे गया; पर मेरी सवारिया रे डांगरो खे आगे जाणे खे जगा नि थी। 15 तेबे आऊँ रातो-रात नाल़े रिये ऊई की दवाला खे देखदा ऊआ चढ़ीगा; तेबे कूमी की तराईया रे बड़े द्वारो ते पीतरे आया ओर ईंयाँ आऊँ वापस आया। 16 ओर परदान नि जाणो थे कि आऊँ केई गया ओर क्या करुँ था; बल्कि मैं तदुओ तक ना तो यहूदिया खे कुछ बताया था, ओर ना पुरोईता खे ओर ना अमीरा खे ओर ना परदाना खे ओर ना ई दूजे काम करने वाल़ेया खे कुछ दशेया।