10 ओकर पाछे, देश-देशके मनैनहे बहकुइया शैतान पकरवा पाई। और ऊ गन्धकके आगीमे फेँक्वापाई, अथवा उ आगीमे जोन समुन्दरके झील हस बरवार बा। दैँतुरवा और झूँटा सन्देश देहुइया दैँतुरवाहे पैलेहेँ वहाँ फेँकादेगिल रहिन। और वहाँ उ आगीमे ओइन्हे सदादिनके लग दिनरात सताजिहिन।