20 याकुब ने या मन्नत मानी, "अगर परमेश्वर मरा संग र्हि खे या यात्रा मे मरी रक्षा कर्ये, अरु मे खे खान का लिये रोटी, अरु पहनन का लिये कपडा दे, 22 अरु यो पत्थर, जेको मेने खम्बो खडो कर्यो हइ, परमेश्वर को भवन ठैइर्ये: अरु जो कुछ तू मे खे दे ओको दसवोभाग मी जरुर ही दिया कर्यु."