24 क्या कोई व्यक्ति स्वयं को किसी छिपने के स्थान पर ऐसे छिपा सकता है,
कि मैं उसे देख न सकूं?"
यह याहवेह का प्रश्न है.
"क्या आकाश और पृथ्वी मुझसे पूर्ण नहीं हैं?"
यह याहवेह का प्रश्न है.
24 क्या कोई व्यक्ति स्वयं को किसी छिपने के स्थान पर ऐसे छिपा सकता है,
कि मैं उसे देख न सकूं?"
यह याहवेह का प्रश्न है.
"क्या आकाश और पृथ्वी मुझसे पूर्ण नहीं हैं?"
यह याहवेह का प्रश्न है.