12 ज़ाज़री बाद शुझुई तिधी आग पर बिधाता निं तैहा आगी जैंदरी बी आथी त। आगी बाद शुण्हुंअ सुलै करै एक बोल।
13 ज़ांऊं एलियाह का सह बोल शूणअ, तेऊ ढोपअ आपणअ मुंह च़ादरू करै संघा निखल़अ डुआरा का तेते मोहरै लै। तेखअ शुण्हुंअ तिधी भिई सुलै करै इहअ बोल, "एलियाह, तूह इधी करा किज़ै?"