24 पर हुंह निं आपणैं प्राणा किछ़ै समझ़दअ कि झ़ूरी करूं, पर इहअ कि आपणीं ठुहर अर च़ाकरी पूरी करूं, ज़ुंण मुंह परमेशरे जशे खुशीए समादे शाजत दैणा लै प्रभू ईशू का आसा भेटी दी।
Publicidade
Publicidade
24 पर हुंह निं आपणैं प्राणा किछ़ै समझ़दअ कि झ़ूरी करूं, पर इहअ कि आपणीं ठुहर अर च़ाकरी पूरी करूं, ज़ुंण मुंह परमेशरे जशे खुशीए समादे शाजत दैणा लै प्रभू ईशू का आसा भेटी दी।