11 धर्मीं मणछे बैण हआ ज़िन्दगीए सोबल़ा ज़िहै, पर कदुष्ट मणछै हआ आपणीं खाखा उपद्रभे बोल च़ोरी डाहै दै।
11 धर्मीं मणछे बैण हआ ज़िन्दगीए सोबल़ा ज़िहै, पर कदुष्ट मणछै हआ आपणीं खाखा उपद्रभे बोल च़ोरी डाहै दै।