अक्ली आल़ै मणछे संगत दैआ अक्ल1 ज़ेभै ईज-बाब नैरदै लागै, अक्ली आल़ै लान्हैं समझ़ा तैहा गल्ला, पर नशूण अर हठू निं मंदै ई आथी।
अक्ली आल़ै मणछे संगत दैआ अक्ल1 ज़ेभै ईज-बाब नैरदै लागै, अक्ली आल़ै लान्हैं समझ़ा तैहा गल्ला, पर नशूण अर हठू निं मंदै ई आथी।