जगत को वर्णन
1 सुरु मे परमेश्वर ने आकाश अरु पृथ्वी की रचना करी 2 धरती बिगडी अरु सुनसान पडी थी, अरु गैहरो पाणी का उपर अंधारो थो; ओसोइ परमेश्वर कि आत्मा पाणी का उपर घुमीरी थी.
1 सुरु मे परमेश्वर ने आकाश अरु पृथ्वी की रचना करी 2 धरती बिगडी अरु सुनसान पडी थी, अरु गैहरो पाणी का उपर अंधारो थो; ओसोइ परमेश्वर कि आत्मा पाणी का उपर घुमीरी थी.